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माँ सरोज ने कमल खिलाया , शिव ने आशीर्वाद दिया ,मधुर -मधुर कवितायेँ रच के -खुश्बू हम फ़ैलाने आये -सदा सत्य की विजय धरा हो - यही आप से मांग रहे हम -अपना प्यारा साथ हमें दो -'दर्द' और 'दर्पण' को मेरे -अपना योगदान कुछ दे दो -कुछ लिख कर के -कुछ पढ़ कर के -अँधियारा अब दूर भगाओ सुरेन्द्र कुमार शुक्ल भ्रमर५ प्रतापगढ़ उ.प्र.

बलात्कार – रो रो माँ का हाल बुरा था छाती पीट-पीट चिल्लाये

जब जब मै स्कूल चली तोते सा फिर माँ ने मुझको रोज सिखाया – रोज पढाया क्षुद्र जीव हैं इस समाज में भोली सूरति उनकी प्यार से कोई पुचकारेंगे कोई लालच देंगे तुझको कोई चन्दन कही लगाये तिलक लगाये भी … Continue reading

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Check out बगुला को कौआ- बना डालते हैं (jagran junction forum) « Bhramar ka ‘Dard’ aur ‘Darpan’

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Check out जला हुआ घर आग निकलती भैरव राग सुनाऊँ (jagran junction forum) « Bhramar ka ‘Dard’ aur ‘Darpan’

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Check out इससे अच्छा ‘कालिख’ पोतो इसपे ये चुप हो जायेगा « Bhramar ka ‘Dard’ aur ‘Darpan’

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छवि ‘माँ’ की धूमिल करते जो -‘पाप’ कर रहे सौ-सौ

छवि ‘माँ’ की धूमिल करते जो -‘पाप’ कर रहे सौ-सौ ( फोटो साभार और धन्यवाद के साथ अन्य स्रोत से लिया गया ) ओ ‘माटी’ के ‘लाल’ हमारे ‘शक्ति’ रूपिणी ‘नारी’ आओ ‘हाथ’ बढाओ अपना ‘चीख’ सुनो हे भाई ‘माँ’ … Continue reading

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सच की तू तावीज बंधा दे – दादी माँ मै सोना चाहूं

सच की तावीज दादी माँ मै सोना चाहूं दे-ना चाहे तो लोरी गाये मुझे सुला दे !! दुल्हन दे -या -चाँद खिलौना थाली में परछाईं या फिर तारों की बारात दिखा दे दूध दही टानिक मन चाहे मुस्काए तो दादी … Continue reading

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पावन पर्व नवरात्रि – आओ हम ‘बुराइयों’ पर अच्छाइयों की ‘विजय’ करें

पावन पर्व नवरात्रि – आओ हम ‘बुराइयों’ पर अच्छाइयों की ‘विजय’ करें आज हमारा पावन पर्व नवरात्रि आरम्भ हो रहा है और हम अतीत से ये मानते रहे हैं की माँ जगद जननी हमारे बीच अपने नौ स्वरुप लेकर विराजमान … Continue reading

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